झारखंड सरकार ने राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) और मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) का लाभ नहीं देने का निर्णय लिया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया।
यह फैसला झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद गठित पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। समिति ने प्राथमिक शिक्षकों की सेवा नियमावली और वित्त विभाग के प्रावधानों की समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राथमिक शिक्षकों के लिए पहले से प्रोन्नति और समयबद्ध उच्चतर वेतनमान का प्रावधान मौजूद है। इसलिए वित्त विभाग के 1 सितंबर 2009 के संकल्प के अनुसार उन्हें ACP और MACP का लाभ नहीं दिया जा सकता।
शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि वित्त विभाग के नियमों के तहत राजकीयकृत विद्यालयों, अल्पसंख्यक विद्यालयों तथा यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीईआरटी वेतनमान प्राप्त करने वाले शिक्षकों को भी MACP योजना का लाभ नहीं मिलता।
गौरतलब है कि किरण कुमारी हेम्ब्रम एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को प्राथमिक शिक्षकों की मांग पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। उसी के बाद विभाग ने समिति गठित कर रिपोर्ट तैयार कराई जिसके आधार पर यह फैसला लिया गया।
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