साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत जोंका गांव में शनिवार देर शाम 62 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक निर्भय कुमार राय उर्फ बावुल राय की धारदार हथियार से अज्ञात अपराधियों ने निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और सनसनी का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की, हालांकि अब तक न तो हत्यारों की पहचान हो सकी है और न ही कोई ठोस सुराग हाथ लगा है। हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए रविवार सुबह दुमका से खोजी कुत्ता मंगवाया गया। खोजी कुत्ता मृतक के घर से निकलकर पास के एक घर और सड़क किनारे रखे बालू के ढेर के आसपास सूंघते हुए घूमता रहा। कुछ दूरी तय करने के बाद वह वापस मृतक के घर लौटा और वहीं बैठ गया। काफी देर तक प्रयास के बावजूद खोजी कुत्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका।
दुमका से आए खोजी कुत्ता लिमसी के साथ पहुंचे कॉन्स्टेबल उमेश कुमार पांडेय ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे रात करीब 11 बजे दुमका से रवाना हुए और रात 1 बजकर 10 मिनट पर जोंका गांव पहुंचे। स्थानीय पुलिस के निर्देश पर घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया, लेकिन कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला। घटनास्थल पर राजमहल के पुलिस निरीक्षक राजीव रंजन, तीनपहाड़ थाना प्रभारी और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट ने पहुंचकर जांच की। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि घटना वाले दिन मृतक के घर कौन-कौन आया था और वे किन लोगों के संपर्क में थे। मृतक की बहू ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर जब वे घर पहुंचीं तो उनके ससुर के चेहरे पर गंभीर चोट के निशान और गहरे घाव थे, जिससे हत्या की पुष्टि होती है।
मृतक की बड़ी पुत्री ने बताया कि 5 फरवरी को उनकी पिता से अंतिम बार बातचीत हुई थी, जबकि छोटी पुत्री ने कहा कि पिता नियमित रूप से संपर्क में रहते थे और उन्होंने कभी किसी प्रकार की दुश्मनी या विवाद की बात नहीं बताई थी। ग्रामीणों के अनुसार निर्भय कुमार राय शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, कम बोलते थे और घर में अकेले रहते थे। वे केवल दूध लेने के लिए सुतियारपड़ा जाया करते थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही मामले के खुलासे का दावा कर रही है।
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