पाकुड़ ब्यूरो | जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
पाकुड़। जिले में कथित अवैध लॉटरी और ‘OK’ नंबर गेम को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। पांच अंकों के नंबर, WhatsApp पर मैसेज और ₹70 से ₹560 तक के कथित रेट की बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इस तरह का खेल वास्तव में संचालित हो रहा है, तो इसे रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही है?
स्थानीय चर्चाओं में मनीरामपुर निवासी शमीम शेख, तोड़ाई निवासी हृदय मंडल और एक लाख अंसारी के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। आरोपों में शमीम शेख के नाम को कथित छपाई, जबकि हृदय मंडल और एक लाख अंसारी के नाम को कथित सप्लाई से जोड़े जाने की चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चाय-पान की दुकानों और चौक-चौराहों पर चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि WhatsApp के जरिए पांच अंकों वाले नंबर भेजे जाते हैं और अलग-अलग रकम में कथित रूप से नंबरों का खेल कराया जाता है। चाय की दुकानों, पान की गुमटियों और चौक-चौराहों के आसपास इस तरह की गतिविधियों की चर्चा होने की बात कही जा रही है।
अगर ये गतिविधियां वास्तव में संचालित हो रही हैं, तो सवाल यह भी है कि नंबर कौन भेज रहा है? पैसा किसके पास पहुंच रहा है? कथित लॉटरी की पर्चियां कहां से आ रही हैं? इसे दुकानों और गुमटियों तक कौन पहुंचा रहा है? और पूरे नेटवर्क का संचालन आखिर कहां से हो रहा है?
रोक क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जिले में खुलेआम कथित अवैध लॉटरी की बिक्री या नंबर गेम की गतिविधियां चल रही हैं, तो संबंधित विभागों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर चाय दुकानों, पान गुमटियों और चौक-चौराहों के आसपास कथित रूप से लॉटरी के नंबरों की चर्चा और लेन-देन देखा जा सकता है। ऐसे में पुलिस-प्रशासन के सामने चुनौती है कि मामले की वास्तविकता की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर यह केवल अफवाह है या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
जांच से सामने आएगा पूरा सच
मामले में पुलिस और प्रशासन यदि गंभीरता से जांच करता है, तो कथित नंबर गेम की वास्तविकता, इसके संचालन का तरीका, पैसों के लेन-देन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। खबर लिखे जाने तक शमीम शेख, हृदय मंडल और एक लाख अंसारी का पक्ष सामने नहीं आया है। संबंधित पक्ष का बयान मिलने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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