Jharkhand

हजारीबाग के झील के अस्तित्व पर खतरा, साफ सफाई के अभाव में फैल रहा है गंदगी का अंबार

Share
Share
Khabar365news

वीड हार्वेस्टर मशीन बन गया है हाथी का दांत, जलकुंभी से नहीं दिख रहा है झील का पानी := भैया अभिमन्यु प्रसाद

हज़ारीबाग

हजारीबाग का झील के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। रखरखाव और साफ सफाई के अभाव में इसकी सुंदरता अब समाप्त होती जा रही है। हजारीबाग पूरे झारखंड में एक ऐसा जिला है जहां एक ही परिसर में पांच झील है। झील आकर्षण का केंद्र बिंदु रहा है। प्रशासनिक उदासीनता और सामाजिक तत्वों के कारण इसके सुंदरता पर ग्रहण लग गया है। असामाजिक तत्वों का यह अड्डा बनता जा रहा है। जहां आए दिन कोई ना कोई घटना घट रही है. बरसात के दिनों में झील पानी से लबालब भर जाती थी. लेकिन इस बार भरी भी नहीं. क्योंकि शहर का पानी जिस नाले के जरिए आता था उसे बंद कर दिया गया. इस कारण वाटर रिचार्ज भी झील में नहीं हो पाया है. आलम यह है कि जलकुंभी से झील का पानी ढंक चुका है.इसे देखने वाला कोई नहीं है. लाखों रुपए की कीमत से जो मशीन को खरीदा गया आज वह हाथी का दांत साबित हो रहा है .यह बातें हजारीबाग में भैया अभिमन्यु प्रसाद ने कहा है। भैया अभिमन्यु प्रसाद भाजपा के वरिष्ठ नेता है। लेकिन उनका कहना है कि यह बातें वह हजारीबाग के नागरिक होने के नाते कर रहे हैं. प्रशासनिक पदाधिकारी के कार्यालय का चक्कर काट काट कर और विरोध दर्ज करने के बाद भी झील की स्थिति सुधरी नहीं है. इस कारण अब अपनी बातों को मीडिया में रखने के लिए बेबस हूं.
भैया अभिमन्यु प्रसाद ने गुरुवार को झील परिसर स्थित दादा दादी पार्क में प्रेस वार्ता किया
। जहां उन्होंने हाल के दिनों में झीलों की स्थिति को देखते हुए अपनी बातें रखी। उनका कहना है कि झील लोग स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए प्रत्येक दिन पहुंचते हैं. आलम यह है कि झील परिसर में लोगों की आने की संख्या भी घट रही है. क्योंकि पानी सड़ चुका है और उसमें दुर्गंध है. जलकुंभी के कारण पानी अब दिखता तक नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि झील परिसर में लोग कुंडा डालने तक आ जा रहे हैं .यही नहीं झील के एक भाग में सेप्टिक टंकी का पानी भी गिरा दिया जा रहा है। नगर निगम ने लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से आत्धुनिक वीड हार्वेस्टर मशीन की खरीदारी की थी. लेकिन वह मशीन का उपयोग नहीं हो रहा है. उसके रखरखाव ड्राइवर और डीजल के नाम पर पैसा का बंदर बांट किया जा रहा है. उन्होंने यह भी झील परिसर के रखरखाव और सुंदरता के नाम पर करोड़ों रुपए का घोटाला हो रहा है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है झील परिसर को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित किया जाए. उन्होंने यहां एक बड़ी बात कहा कि जितने भी बड़े अधिकारी हैं वह झील परिसर में कोई ना कोई टेंडर अपने भाई भतीजा के नाम पर करवा देते हैं. जिस कारण इसकी प्राकृतिक सुंदरता के साथ खिलवाड़ हो जाता है। स्वच्छता स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष अरुण कुमार वर्मा भी प्रेस वार्ता में उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि झील परिसर में एक और समस्या आ रही है लोग वृक्ष के पत्ते ,टहनी, छाल काट कर ले जा रहे हैं .जिस कारण वृक्षों की उम्र भी घट रही है. इस पर भी रोक होनी चाहिए.शैलेश चंद्रवंशी संस्था के सचिव हैं उनका कहना है कि प्रत्येक दिन समिति के सदस्य आपस में पैसा जमा कर यहां सफाई करवा रहे हैं. जिला प्रशासन, नगर निगम, मत्स्य विभाग को झील पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए. क्योंकि यह ऐसा प्राकृतिक जगह शायरी कहीं मिले। मालूम हो कि यह झील हजारीबाग का हार्ट माना जाता है. लोग इस झील को बेहद पसंद करते हैं. इस कारण भैया अभिमन्यु प्रसाद ने हजारीबाग वासीयों के सामने प्रस्ताव भी रखा है कि एक कमेटी का निर्माण किया जाए. जिसमें यहां के सभी वर्गों को जोड़ा जाए . उनके ही परामर्श से झील में काम हो. साफ सफाई के लिए यहां अस्थाई व्यवस्था हो. शिफ्ट बनाकर काम किया जाए तभी झील की अस्तित्व को बचाया जा सकता है . भैया अभिमन्यु प्रसाद ने हजारीबाग वासियों की ओर से जिला प्रशासन से मांग की है जल्द से जल्द झील और उसके आसपास साफ सफाई अभियान चलाएं और कैसे झील परिसर को दुरुस्त रखना है उसे लेकर आम जनता के सहयोग से रूपरेखा तय करें। जलकुम्भी के कारण बदरंग दिखने वाले हजारीबाग झील की सफाई के लिए करोड़ों रुपए की लागत से
वीड हार्वेस्टर मशीन की खरीदारी की गई थी. वर्तमान नगर आयुक्त सह उप विकास आयुक्त प्रेरणा दीक्षित ने हाई लेवल मानिटरिंग कमेटी के निर्णय के बाद 15वें वित्त आयोग अंतर्गत जेम पोर्टल के माध्यम से क्लिंटेक कंपनी की मशीन की खरीदी करने का आदेश दिया था। फ्लोटिंग वीड हार्वेस्टर मशीन का प्रयोग जम्मू कश्मीर के सुप्रसिद्ध डल झील, हैदराबाद के हुसैना बांध, गोरखपुर के रामगढ़ झील की सफाई के लिए होता रही है. इस मशीन से दिन के साथ-साथ रात में भी झील की सफाई हो सकती है.वीड हार्वेस्टर एक पर्यावरण के अनुकूल जलीय पौधों की कटाई करने वाली मशीन है और अपनी तरह का एकमात्र हार्वेस्टर है जो अन्य सभी जलीय खरपतवार हार्वेस्टर की तरह खरपतवारों को काटने के बजाय उनकी जड़ों से खींचती है. यह मिलफॉयल, हाइड्रिला, सेलेरी या एलीगेटर ग्रास, स्टाररी स्टोनवॉर्ट, वॉटर चेस्टनट, और तालाबों, झीलों, नदियों, चैनलों, नहरों और वाटर फ्रंट प्रॉपर्टी में प्रचलित अधिकांश अन्य जलीय पौधों सहित सभी प्रकार की जलमग्न वनस्पतियों को जड़ से उखाड़ने में प्रभावी है। पत्रकार वार्ता में मनोज कुमार सिंह, भैया नितेश सहित कई लोग उपस्थित थे।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Categories

Calender

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  







Related Articles
JharkhandpatratupatratuRamgahRamgarh

पीवीयूएनएल में पर्यावरण सप्ताह का उत्साहपूर्वक आयोजन

Khabar365newsएक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत 800 पौधों का रोपण,...

BiharBreakingJharkhandबिहारब्रेकिंग

प्रेशर कुकर फटने से मां समेत तीन बच्चे झुलसे

Khabar365newsमोतिहारी: बिहार के मोतिहारी में खाना बनाते समय प्रेशर कुकर फटने से...

BreakingJharkhandझारखंडब्रेकिंग

अंधी पत्नी और मासूम बेटे का छिना सहारा, मजदूर की दर्दनाक मौत

Khabar365newsमजदूरी कर घर लौट रहे बैजनाथ की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत...

BreakingJharkhandPALAMUझारखंडपलामूब्रेकिंग

यूपी सड़क हादसे में पलामू के 4 लोगों की मौत, मातम

Khabar365newsपलामू: उत्तर प्रदेश में हुए एक भीषण सड़क हादसे में झारखंड के...