नाली निर्माण में बंदरबांट और लापरवाही की जांच की मांग, सरकार से मिला टालमटोल जवाब
नाली निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही से जनता बेहाल है : प्रदीप प्रसाद
हजारीबाग : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद लगातार जनता की समस्याओं को गंभीरता से उठाते आ रहे हैं। गुरुवार की दूसरी पाली में उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में हो रही जल जमाव की समस्या पर अपनी बात प्रमुखता से रखी। विधायक श्री प्रसाद ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में बनाई गई नालियां मानक के अनुरूप नहीं हैं। इंजीनियरों द्वारा केवल खानापूर्ति कर काम पूरा कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश इलाकों में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं अपनी टीम और जेसीबी की मदद से इन नालियों को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नाली निर्माण कार्य में भारी बंदरबांट हुई है और पैसों की लूट हुई है। इस पर जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इसी लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। श्री प्रसाद ने एन.एच.-33, एन.एच.-100 और पीडब्ल्यूडी द्वारा किए गए नाली निर्माण कार्यों की खामियों की ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने कहा कि हाईवे जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर पानी घुटनों तक भर जाता है, जिससे वाहनों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।उन्होंने सदन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर राज्य सरकार के मंत्री ने कोई स्पष्ट जवाब देने के बजाय घुमाकर बात टाल दी। विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार का टालमटोल रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता की परेशानियों को हल करने की बजाय केवल आश्वासन देना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी से भागने जैसा है।
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