
रिपोर्ट -सुमित कुमार पाठक पतरातु
सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर पतरातु बाजार के परिसर में हुआ । इस बैठक में पतरातू के आसपास के हिन्दू समाज के 25 जाति समूह के नेतृत्व करने वाले 80 बुद्धिजीवी उपस्थित रहे । कार्यक्रम की शुरुआत भारत मां के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर हुआ । सभी लोगों ने मिलकर 3 घंटे तक हिंदू समाज के लोगों के बीच सद्भाव , समरसता, कैसे बना रहे इसके लिए चिंतन मंथन किया ।

साथ ही साथ अपनी समाज की बैठकों के द्वारा समाज में किए जा रहे सुधार के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा किया । कार्यक्रम के बीच में ही रविदास जयंती के शुभ अवसर पर जा रहे जुलूस में श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्प वर्षा भी किया गया । जाति समाज की बैठकों के आधार पर दहेज प्रथा,शादी विवाह, नशा के उन्मूलन के लिए जो सकारात्मक प्रयास किए गए हैं और उसका परिणाम सबके सामने बताया गया । यदुवंशी समाज के रामेश्वर गोप ने शिक्षा के क्षेत्र में किया जा रहे, खास करके मातृशक्ति की शिक्षा में हो रहे प्रयास पर विशेष चर्चा की । चंद्रवंशी समाज के राष्ट्रीय महामंत्री सुबोध कुमार ने नशा और डीजे के कारण हो रहे अव्यवस्था पर गहन चिंतन मंथन किया । उरांव समाज एवं कुर्से के मुखिया संदीप उरांव ने समाज द्वारा चलाये जा रहे प्रयासों के द्वारा धर्मांतरण रोकने में मिली सफलता पर चर्चा किया । लबगा के पूर्व मुखिया शिवप्रसाद मुंडा द्वारा गरीबी और शिक्षा के कारण हिंदू समाज में हो रहे धर्मांतरण पर चिंता व्यक्त की , साथ ही साथ हिंदू समाज के मंदिरों द्वारा धन का उपयोग शिक्षा और अस्पताल में आधिकाधीक करने का आग्रह किया गया । शांडिक समाज के अध्यक्ष बृज किशोर साहू ने अपने समाज में युवा युवतियों के शादी में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई और इसमें भविष्य में आने वाले संकट के बारे में चर्चा किया । प्रजापति समाज के सचिव सूरज कुमार ने जनसंख्या में लगातार हो रही कमी के करण असंतुलन पर गहन चिंता व्यक्त किया और इसमें आगे सुधार की आवश्यकता बताई ।
ठाकुर समाज में मृत्यु भोज के नाम पर जो खर्च बढ़ रहा है उसको लेकर उनके अध्यक्ष गणेश ठाकुर ने किए जा रहे हैं सुधारो पर चर्चा किया। क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष विनय सिंह , ब्रह्मर्षि समाज के अध्यक्ष जैनांदन शर्मा , वर्णवाल समाज के अध्यक्ष संजय वर्णवाल , ब्राह्मण समाज के रवि पाठक, सिख समाज के रणजीत सिंह चावला जैन समाज के निर्मल जैन सहित अनेक बुद्धिजीवी व्यक्ति उपस्थित थे । उमाशंकर अग्रवाल , संघ के संघ चालक श्री राम जी , विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष बबलू विश्वकर्मा एवं अखिलेश विश्वकर्मा सहित अनेक बुद्धिजीवी उपस्थित थे। सब लोगों ने एक स्वर में समाज में जातियों के बीच नियमित संवाद एवं सुधार हेतु प्रयत्न आगे भी करने का संकल्प लिया है । सभी हिंदू भाई बहन हैं और सभी भारत मां की संतान हैं आपस में कोई भेदभाव नहीं है और सबका मंत्र समानता है इस भाव के साथ कार्यक्रम के समापन में डॉक्टर शशांक कुलकर्णी ने शताब्दी वर्ष में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी । कुटुंब प्रबोधन पर्यावरण संरक्षण, एवं स्वदेशी सामानों का उपयोग हेतु सबसे आग्रह किया गया ।
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