पाकुड़ ब्यूरो जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
19 लाख की कंक्रीट सड़क कुछ ही महीनों में फटी, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
महेशपुर (पाकुड़): प्रखंड क्षेत्र के पोखरिया पंचायत अंतर्गत पोचाईबेड़ा गांव में डीएमएफटी योजना के तहत बनी ग्रामीण सड़क अब सवालों के घेरे में आ गई है। सोसो टोला फुटबॉल मैदान से पोखरा तक बनाई गई कंक्रीट सड़क निर्माण के कुछ ही महीनों बाद बीचों-बीच लंबी दरार के साथ फटती नजर आ रही है।
बीच सड़क में लंबी दरार, तस्वीरें खुद बोल रहीं
स्थल पर स्थिति यह है कि कंक्रीट सड़क के बीचों-बीच कई मीटर लंबी दरार साफ दिखाई दे रही है। सड़क की हालत ऐसी हो चुकी है मानो वह वर्षों पुरानी हो, जबकि निर्माण कार्य हाल ही में पूरा हुआ है।
ग्रामीणों में रोष, बोले – “नई सड़क, पुराना हाल
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बने अभी ज्यादा समय नहीं हुआ, लेकिन हालत बद से बदतर हो गई है। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और तकनीकी मानकों की खुली अनदेखी की गई।
19 लाख की लागत, फिर भी गुणवत्ता शून्य?
सूचना पट्ट के अनुसार यह सड़क डीएमएफटी योजना 2023-24 के तहत लगभग 19 लाख रुपये की लागत से बनाई गई है। कार्य की पूर्णता तिथि भी हाल की बताई जा रही है। इसके बावजूद सड़क का इस तरह टूटना ठेकेदार, संबंधित अभियंता और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
डीएमएफटी जैसी योजना पर भ्रष्टाचार का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डीएमएफटी जैसी संवेदनशील योजना, जिसे गांवों के विकास की जीवनरेखा माना जाता है, उसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग
निर्माण गुणवत्ता की तकनीकी जांच
दोषी ठेकेदार और अभियंता पर कार्रवाई
सड़क का दोबारा मानक के अनुसार निर्माण
डीएमएफटी फंड के उपयोग की पारदर्शी जांच
जो सड़क बनी थी विकास की पहचान बनने,
वही दरार बन गई भ्रष्टाचार की पहचान बनने।
गांव पूछता है आज सिस्टम से बस यही सवाल,
क्या काग़ज़ पर ही चलता रहेगा हर विकास का हाल?
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