झारखंड के वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट पेश करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 7 हजार 990 करोड़ 30 लाख रुपये का प्रावधान किया है। बजट में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और गंभीर बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया है। कैंसर की रोकथाम के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से कर्णांकित किए गए हैं। सरकार के अनुसार, पिछले दस वर्षों में राज्य में कैंसर के मामलों में तेजी आई है, खासकर महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़े हैं। इसे देखते हुए सभी पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में PET-CT स्कैन मशीन लगाने की घोषणा की गई है।
राज्य के सभी 24 जिला सदर अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीन स्थापित की जाएगी, ताकि ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान हो सके। साथ ही, सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथलैब की स्थापना की योजना है।
मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार प्रस्तावित है। अगले वर्ष रिम्स सहित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 220 MBBS सीटें बढ़ाई जाएंगी। आगामी चार वर्षों में MBBS सीटों को 1,030 से बढ़ाकर दोगुना करने का लक्ष्य है। PG सीटों को वर्तमान 225 से अगले वर्ष 325 और चार वर्षों में 750 तक ले जाने की योजना है।
इसके अलावा राज्य में 750 ‘अबुआ दवाखाना’ खोलने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवा उपलब्ध कराई जा सके।
PPP मोड में मेडिकल कॉलेजों के विस्तार की भी योजना है। पहले चरण में धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और खूँटी के सदर अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। दूसरे चरण में लातेहार, साहेबगंज और सरायकेला-खरसावां को शामिल किया जाएगा। सरकार ने मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रख-रखाव योजना और अस्पताल कायाकल्प योजना के माध्यम से अस्पतालों की स्थिति में निरंतर सुधार का भरोसा भी जताया है।
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