मिडिल ईस्ट में हो रहे संघर्ष के दौरान भारत आ रहे थाई समुद्री जहाज पर हमले हुए। इस हमले में बिहार के भागलपुर जिले के एक इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और ग्रामीणों में शोक के साथ आक्रोश की लहर दौड़ गई। देवनंदन अपने पीछे पत्नी के साथ दो बच्चे छोड़ गए। ग्रामीणों ने बताया कि देवनंदन पत्नी कुमकुम सिंह के साथ मुंबई में रहते थे। उनके पुत्र क्षितिज कुमार और पुत्री कोमल कुमारी हैं। दोनों बच्चे जर्मनी व जापान में जॉब करते हैं। उनका कहना है कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और फिर इसमें हमारे देश का एक सपूत शिकार हो गया है, जो अत्यंत निंदनीय है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि अंतिम संस्कार के लिए शव को गांव लाया जाए।
सूचना पाते ही पीड़त परिवार के घर भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार के साथ और भी कई नेतागण पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा एनडीए परिवार पीड़ित परिवार के साथ है। ईश्वर परिवार को संबल प्रदान करें। उन्होंने केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से मांग की है कि उनके पार्थिव शरीर को विशेष विमान से भागलपुर लाने की व्यवस्था की जाए और राजकीय सम्मान के साथ इनका दाह संस्कार किया जाए। साथ ही परिवार को मुआवजा दी जाए।
Leave a comment