झारखंड के विभिन्न जिलों में रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही राम और हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। भगवान राम के जन्मोत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। मंदिरों में पुराने ध्वजों को हटाकर नए ध्वज लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही चैत्र नवरात्र का समापन हवन के साथ किया गया, जिसके बाद कन्या पूजन और ब्राह्मण भोज का आयोजन हुआ। दोपहर के बाद राज्य के लगभग सभी जिलों में विभिन्न रामनवमी समितियों द्वारा भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। इन जुलूसों में लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहेगा। पूरे राज्य में इन कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
करीब 5000 जैप और इंडियन रिजर्व बटालियन के जवानों के साथ 5400 अतिरिक्त होमगार्ड्स को तैनात किया गया है। प्रशिक्षु और नवपदस्थापित डीएसपी को भी ड्यूटी में लगाया गया है। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सभी जिलों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, अतिरिक्त बल की तैनाती और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि पर नजर रखी जा सके। रांची में इस बार रामनवमी को लेकर विशेष तैयारी की गई है। 28 मार्च तक शहर के ट्रैफिक रूट में बदलाव लागू रहेगा। कई स्थानों पर ड्रॉप गेट लगाए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जवानों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी वाहन को निर्धारित सीमा से आगे न जाने दिया जाए। शहर और ग्रामीण इलाकों के अखाड़े अपने-अपने ध्वज के साथ सर्जना चौक पर एकत्र होंगे, जहां से जुलूस मेन रोड होते हुए सुजाता चौक और फिर तपोवन मंदिर तक जाएगा।
वहीं, कोडरमा जिले में मुख्य कार्यक्रम झुमरीतिलैया स्थित प्रखंड मैदान में आयोजित होगा, जहां कई समितियां अपने जुलूस के साथ पहुंचकर कला और करतब का प्रदर्शन करेंगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा। रांची में जुलूस की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी, साथ ही ऊंची इमारतों और छतों पर भी सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। पहले से चिन्हित संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। 27 मार्च को दोपहर 12:30 बजे से रात 12:30 बजे तक शहर में ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन बंद रहेगा। सुबह 8 बजे से अगले 20 घंटे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, जबकि बड़े वाहन रिंग रोड के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
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