
रामगढ़ । रामगढ़ समाहरणालय में झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा के सफल एवं कदाचार मुक्त आयोजन हेतु उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक
रामगढ़ समाहरणालय में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आगामी 12 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली ‘झारखंड उत्पाद सिपाही लिखित परीक्षा’ की तैयारियों को लेकर आज रामगढ़ जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त संचालन हेतु उपायुक्त रामगढ़, श्री फैज अक अहमद मुमताज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं केंद्र अधीक्षकों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

परीक्षा संबंधी मुख्य आंकड़े
बैठक के दौरान जिले में परीक्षा की व्यापकता पर चर्चा की गई। रामगढ़ जिले में परीक्षा का स्वरूप कुछ इस प्रकार होगा:
कुल परीक्षा केंद्र: 32
कुल परीक्षार्थी: 9,384
परीक्षा का स्वरूप: तीन पालियों में आयोजित।
उपायुक्त के प्रमुख दिशा-निर्देश
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री फैज अक अहमद मुमताज ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता बरकरार रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:
महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व: उपायुक्त ने कहा कि परीक्षा के सफल आयोजन में दंडाधिकारियों और केंद्र अधीक्षकों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
भ्रम का निवारण: उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा नियमावली से संबंधित किसी भी प्रकार की दुविधा को समय रहते दूर कर लें ताकि परीक्षा के दिन कार्य सुचारू रूप से चल सके।
कदाचार मुक्त वातावरण: केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के निर्देश दिए गए ताकि कोई भी अभ्यर्थी अनुचित साधनों का प्रयोग न कर सके।
प्रक्रियात्मक प्रशिक्षण एवं सुरक्षा
बैठक के दौरान अधिकारियों को विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई, जिसमें शामिल हैं:
प्री-एग्जाम तैयारी: केंद्र की घेराबंदी और प्रवेश द्वार पर व्यवस्था।
फ्रिस्किंग (जांच): सभी अभ्यर्थियों की गहन तलाशी (Frisking) सुनिश्चित करना ताकि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या प्रतिबंधित सामग्री अंदर न जा सके।
सीलिंग प्रक्रिया: परीक्षा के पश्चात ओएमआर शीट और अन्य गोपनीय सामग्रियों को सुरक्षित तरीके से सील करने की विधि।
लॉजिस्टिक्स: परीक्षा सामग्री के परिवहन और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन।
उपायुक्त ने अंत में सभी केंद्र अधीक्षकों को समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला स्तरीय वरीय अधिकारियों, प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी, दंडाधिकारियों, केंद्र अधीक्षकों सहित अन्य उपस्थित थे।
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