रांची: राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। राज्यसभा की उम्मीदवारी नहीं मिलने पर उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए दशकों तक किए गए समर्पण, संघर्ष और योगदान को नजरअंदाज किया गया है।
फुरकान अंसारी ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा राजनीतिक जीवन कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को उठाने में लगाया। कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी के प्रति निष्ठावान बने रहे, लेकिन राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में उनके अनुभव और योगदान को महत्व नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के इस फैसले से वे आहत हैं। उनका मानना है कि लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं और नेताओं को उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले की तरह बनी रहेगी, लेकिन उनकी उपेक्षा ने उन्हें निराश जरूर किया है।
फुरकान अंसारी ने कहा कि राज्यसभा जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए उम्मीदवार चयन में संगठन के पुराने और समर्पित नेताओं के योगदान पर भी विचार किया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करना किसी भी राजनीतिक दल की मजबूती का आधार होता है।
हालांकि उन्होंने पार्टी छोड़ने या किसी तरह की बगावत की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि वे कांग्रेस के सिपाही हैं और पार्टी के हित में काम करते रहेंगे। लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में नेतृत्व उनके योगदान और अनुभव को उचित महत्व देगा।
राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस और महागठबंधन के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच फुरकान अंसारी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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