रांची: रियल एस्टेट क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रांची में इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (IBC) की 204वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रीन बिल्डिंग निर्माण, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई।
बैठक में विशेषज्ञों ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच भवन निर्माण में पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाना समय की जरूरत है। ग्रीन बिल्डिंग न केवल ऊर्जा की बचत करती हैं, बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वक्ताओं ने भवन निर्माण परियोजनाओं में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, अपशिष्ट जल प्रबंधन और सौर ऊर्जा के उपयोग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की इमारतों को स्मार्ट और टिकाऊ बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाना आवश्यक है।
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने जल संकट की बढ़ती चुनौती पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हर निर्माण परियोजना में जल संरक्षण के प्रभावी उपायों को शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हरित भवन अवधारणा को व्यापक स्तर पर लागू करने की आवश्यकता बताई गई।
कार्यक्रम में भवन निर्माण, इंजीनियरिंग और शहरी विकास से जुड़े कई विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए भविष्य की निर्माण योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
प्रमुख बातें
- रांची में इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (IBC) की 204वीं बैठक आयोजित
- ग्रीन बिल्डिंग निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर
- जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर विशेष चर्चा
- स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के उपयोग की वकालत
- सतत विकास को ध्यान में रखकर निर्माण योजनाओं पर मंथन
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