
गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन की अहम भूमिका, पुलिस की सतर्कता से हथियार बरामदगी के दौरान टली बड़ी घटना
हजारीबाग। उरीमारी थाना कांड संख्या 189/26 के संदिग्ध अंशु दुबे (22 वर्ष), पिता राकेश कुमार द्विवेदी, निवासी दुबे मराठिया, थाना गढ़वा, जिला गढ़वा को दिनांक 05 नवंबर 2026 को पूछताछ के लिए गढ़वा थाना से उरीमारी ओपी लाया गया। पुलिस द्वारा की गई गहन पूछताछ के दौरान अंशु दुबे ने इस कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए हथियार एवं पर्चा करमाटिला जंगल में एक पत्थर के नीचे छिपाकर रखने की जानकारी दी।

इसके बाद पुलिस टीम आरोपी अंशु दुबे को साथ लेकर उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद करने करमाटिला जंगल पहुंची। पुलिस टीम जंगल में छिपाकर रखे गए हथियार की बरामदगी की कार्रवाई कर ही रही थी कि इसी दौरान आरोपी ने अचानक पुलिस बल के जवानों को धक्का देकर भागने का प्रयास किया और छिपाकर रखे गए हथियार से पुलिस बल को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी।

अचानक हुई इस घटना से पुलिस टीम के सामने गंभीर चुनौती उत्पन्न हो गई। पुलिस बल ने तत्काल मोर्चा संभाला। आत्मरक्षा में थाना प्रभारी द्वारा जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें अंशु दुबे के बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर प्राथमिक उपचार कराया और बेहतर इलाज के लिए उचित पुलिस सुरक्षा के साथ सदर अस्पताल, हजारीबाग भेज दिया।
इस पूरी कार्रवाई में गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन की अहम भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। पुलिस टीम की तत्परता, सूझबूझ और साहसिक कार्रवाई ने घटनास्थल पर स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जंगल जैसे संवेदनशील इलाके में हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी द्वारा अचानक की गई फायरिंग के बावजूद पुलिस बल ने संयम और सतर्कता के साथ जवाबी कार्रवाई की।
पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान में पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ जुटी हुई है। हथियार बरामदगी के दौरान हुई इस घटना ने एक बार फिर पुलिस टीम की सतर्कता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को सामने लाया है।





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