झारखंड के बरकाकाना–बरवाडीह रेलखंड पर देर शाम एक दर्दनाक हादसे ने रेल यातायात को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। आमिलान और निद्रा स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी की चपेट में आने से हाथी का एक शावक गंभीर रूप से घायल हो गया। देर रात उसकी मौत हो गई। घटना के बाद हाथियों का झुंड आक्रोशित होकर रेल पटरी पर डट गया, जिससे लगभग साढ़े चार घंटे तक परिचालन बाधित रहा। यह घटना चंदवा थाना क्षेत्र के पुतरी टोला गांव के पास हुई। शाम करीब 7:30 बजे से शुरू हुआ गतिरोध आधी रात तक जारी रहा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मशाल जलाकर हाथियों को हटाने की कोशिश की, लेकिन झुंड लंबे समय तक पटरी से हटने को तैयार नहीं हुआ। आखिरकार रात करीब 12 बजे के बाद हाथियों को सुरक्षित तरीके से हटाया गया। इसके बाद 12:20 बजे अप लाइन पर रेल परिचालन बहाल हो सका।
कई प्रमुख ट्रेनें रहीं प्रभावित
हाथियों के पटरी पर जमे रहने के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
रांची–गरीब रथ एक्सप्रेस राय स्टेशन पर शाम 7:54 बजे से खड़ी रही।
टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस टोरी स्टेशन पर 7:48 बजे से रुकी रही।
पलामू एक्सप्रेस खलारी स्टेशन पर 7:35 बजे से ठप रही।
जम्मूतवी एक्सप्रेस बरकाकाना में रोकी गई।
हावड़ा–भोपाल एक्सप्रेस भी बरकाकाना स्टेशन पर खड़ी रही।
सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस हेंदेगीर स्टेशन पर रोकी गई।
रांची–बनारस एक्सप्रेस रामगढ़ कैंट स्टेशन पर रुकी रही।
यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
ट्रेनों के अचानक रुक जाने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। खलारी स्टेशन पर खड़ी पलामू एक्सप्रेस के यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। ट्रेन तीन घंटे से अधिक समय तक रुकी रही। यात्रियों ने बताया कि एसी कोच में एयर कंडीशनर बंद हो गया, जिससे घुटन की स्थिति बन गई। पेंट्री कार की सुविधा नहीं होने के कारण खाने-पीने की समस्या भी सामने आई। कई यात्रियों ने स्टेशन के छोटे स्टॉल से बिस्कुट और चिप्स खरीदकर भूख शांत की, जबकि कुछ ने आसपास रहने वाले परिजनों से भोजन मंगवाया। यात्रियों का कहना था कि यदि ट्रेन समय पर चलती तो वे अपने गंतव्य पर पहुंचकर भोजन और अन्य सुविधाएं प्राप्त कर सकते थे।
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