रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
अंचलाधिकारी के द्वारा निर्धारित 24.01.2026 को भाकपा-माले पतरातू प्रखंड सचिव-नरेश बडाईक,आदिवासी संघर्ष मोर्चा रामगढ़ जिला अध्यक्ष -नागेश्वर मुंडा एवं राष्ट्रीय सह संयोजक- देवकीनंदन बेदिया,अखिल भारतीय किसान महासभा के पतरातू प्रखंड सचिव-प्रेमसागर महतो,झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा नेता- मोतीलाल बेदिया, ऐक्टू राज्य उपाध्यक्ष-अमल कुमार,भोला ठाकुर,गणेश ठाकुर अन्य एक प्रतिनिधिमंडल ने अंचलाधिकारी से वार्तालाप करने हेतु मिलने के लिए आए लेकिन अंचलाधिकारी कार्यालय से बाहर थे।
बार-बार समय देकर बार-बार कार्यालय से बाहर हो जाते हैं। इस तरह से 5-6 महीने तक टाल-मटोल करते आ रहे हैं।
ज्ञात हो कि 26 अगस्त 2025 को भाकपा-माले का पतरातू अंचल कर्यालय में प्रदर्शन, आदिवासी संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन और झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा का लगातार प्रदर्शन के माध्यम से आम ग्रामीणों के जनसमस्याओं को लेकर मांग दी गई थी जिसमें,जमीनों का आनलाइन करना और रसीद निर्गत करना,आदिवासियों का न्यायालय से भू-वापसी आदेशों पर दखल दिहानी दिलाना, भू-दान की जमीनों का रसीद काटना,गैरमजरुआ जमीनों का रसीद काटना, गरीबों को गैरमजरुआ जमीनों पर बंदोबस्ती देना,वन आधारित जमीनों पर खेती-बाड़ी घर बना कर रह रहे लोगों को वन पट्टा देना, जमीनों के क्रय-विक्रय पर दाखिल-खारिज करना,झारखंड आंदोलनकारियों को कार्ड निर्गत करना,किसानों की जमीनों से गैस पाईप ले जाने पर उचित मुआवजा भुगतान करने जैसी अनेकों समस्याओं को हल करने के बजाय जो लाखों रुपए अंचलाधिकारी को देंगे उसी का रुपया लेकर काम करेंगे।
बाकी आम ग्रामीण गरीब,किसान, आदिवासियों का आनलाइन करना,दखल-दिहानी दिलाने से कतराते व कार्यालय छोड़ कर भागते रहते हैं। इसलिए उपस्थित नेताओं ने कार्यालय में उपस्थित होकर प्रेस कांफ्रेंस करते हुए चेतावनी दी है कि 26 जनवरी के बाद उन्हीं जनसवालों पर पतरातू अचंला धिकारी को कार्यालय में घेराव किया जाएगा। और अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा और जबतक भ्रष्ट अंचलाधिकारी को पतरातू अंचल से निलंबित नहीं किया जाता है।
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