रांची। नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वर्ष 2050 के लिए झारखंड के विकास का विज़न प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य का भविष्य पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय संसाधनों और आधुनिक तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), के समन्वय से मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आदिवासी ज्ञान परंपरा और प्राकृतिक संसाधनों को नई तकनीकों के साथ जोड़कर समावेशी एवं सतत विकास का मॉडल तैयार किया जाएगा। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास, नवाचार और डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी राज्य के दीर्घकालिक विकास को लेकर अपने सुझाव साझा किए। सरकार ने इन सुझावों को विज़न 2050 की रूपरेखा में शामिल करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित झारखंड का लक्ष्य तभी संभव होगा, जब परंपरा और तकनीक के बीच संतुलन बनाते हुए सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
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