Hazaribagh

हजारीबाग में रियल लाइफ में दिखने लगा नशे का खौफनाक मंज़र…. हर ओर कहर

Share
Share
Khabar365news

सामाजिक सजगता और जागरूकता से ही नशा मुक्त बन सकेगा हजारीबाग शहर

नशे के ऐसे खौफनाक मंजर और कारोबार को कभी हमलोग फिल्मों के माध्यम से “रील लाइफ” में देखते थे लेकिन अब “रियल लाइफ” में भी दिखने लगा। किसी एक व्यक्ति की नशे की लत से परिवार और समाज पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नशे की सामग्री पहले व्यक्ति को उत्तेजित करती है फिर धीरे-धीरे यह अपने गिरफ्त में जकड़ लेती है और फिर नशे का आदि बना देती है। नशा की गिरफ्त में आने वाला व्यक्ति अंदर से नकारात्मक होने लगता है और व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास कम होने लगती है साथ ही जीवन में निराशा का भाव आने लगता है। दिनचर्या में चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है और किसी के साथ भी कुशलता का व्यवहार बरकरार नहीं रख पाता है। जिस कारण व्यक्ति के सफलता और रोजमर्रा के कामों में यह बाधक साबित होता है ।

नशा करने वाला किसी भी उम्र का हो वो अपने नशे का सामग्री और इसके उपयोग का तरीका ढूंढ ही लेता है। नशे के कारोबारी भी प्रतिबंधित सामग्री को बेचने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। उन्हें पैसे कमाने की ऐसी लालच और भूख आन पड़ती है की किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर खुद अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसे प्रतिबंधित नशीली पदार्थ के खरीद बिक्री के लिए गैर सामाजिक कार्य करते हैं ।

झारखंड का शैक्षणिक हब माना जाने वाला हजारीबाग जहां शिक्षा ग्रहण करने के लिए युवा पीढ़ी का एक बड़ा सैलाब प्रवास करता है। नशे के कारोबारियों की गिद्ध दृष्टि इन युवाओं को अपने आगोश में लेने को व्याकुल दिख रही है। उड़ता पंजाब….के तर्ज़ पर नशे के कारोबारियों और बेहद तेज़ी से हजारीबाग शहर और आसपास के क्षेत्र में फैलता नशा का साम्राज्य हजारीबाग के युवा पीढ़ी को टारगेट कर उनके नस- नस में नशा समां कर उन्हें बर्बाद करने पर आमदा है।
हजारीबाग के युवा पीढ़ी नशे के गिरफ्त में दिख रहा है। युवा पीढ़ी एवं नाबालिक नशे की गिरफ्त में जकड़ते जा रहा है। नशे की लत में जकड़कर युवा जहां अपनी जवानी को नकारात्मक दिशा में बर्बाद कर रहे हैं वही विद्यार्थी अपनी पढ़ाई की जगह नशे में खुद को झोंककर बर्बाद कर रहें हैं। माता- पिता और अभिभावक के अरमान को पूरा करने के बजाय खुद के शरीर के अंदर नशा के सेवन के माध्यम से तरह-तरह की बीमारियों को आमंत्रण देते हैं। पहले सिर्फ गिनी- चुनी दुकानों और गिने-चुने नशीली पदार्थ ही बाजार में मिलते थे लेकिन अब पाश्चात्य संस्कृति और महानगरों के तर्ज पर नशीली पदार्थ के खरीद – बिक्री और नशे के सामग्री का भी अपग्रेड हुआ है। हजारीबाग जैसे छोटे शहरों में भी अब ब्राउन शुगर का पुड़िया पैडलर के माध्यम से नशेड़ियों तक पहुंचाया जा रहा है। कई बार इस बात की पुष्टि पुलिस द्वारा पकड़े गए ब्राउन शुगर के खेप से हुआ है।

हजारीबाग में नशा का फैलता साम्राज्य समाज के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। कई अभिभावक अपने बच्चे के नशे के गिरफ्त में आने से बेहद परेशान हैं। नशेड़ियों का परिवार उनके चिंता में टूट जाता है। कई युवा नशे के आगोश में आकर डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं और अपनी मानसिक स्थिति भी खो देते हैं। हाल ही में हजारीबाग में नशा के कारण तेजी से आपराधिक गतिविधियों में भी वृद्धि हुआ है। नशेड़ियों को जब नशीली पदार्थ नहीं मिलता है तो कुछ भी अनैतिक, असामाजिक कृत्य करने पर आमदा हो जाते है। बीते रामनवमी जुलूस के दौरान एक दृश्य देख रोंगटे खड़े हो गए जब ब्राउन शुगर के एडिक्ट्स युवा को खुद को जख्मी करके अपने ही शरीर के खून को चाट रहे थे। नशेड़ियों के ऐसे अनगिनत कृत्य समाज में दिखते हैं जिसे देख गुस्सा तो आता है लेकिन उनपर दया भी आती है। हजारीबाग के कई युवाओं की जिंदगी नशे की गिरफ्त में आकर बर्बाद हो चुकी है तो कई बर्बादी के कगार पर है। जीने के उम्र में ही कईयों की जिंदगी की इहलिला भी समाप्त हो गई ।

हजारीबाग में नशे के खिलाफ़ सजगता और जागरूकता आने लगी है। जनजागरण होने लगा है। समाज के कई क्षेत्रों में सामाजिक रूप से नशे के खिलाफ पुरजोर तरीके से आवाज बुलंद होने लगी है। शहर के हरीनगर इलाके से बीते दिनों लोगों ने एक नशेड़ी को पकड़कर थाने को सुपुर्द किया। नशे से स्वच्छता के लिए बेहद जरूरी है कि समाज इसके खिलाफ सजग हो और मुखरता से आवाज बुलंद करें तभी इसका खात्मा संभव हो सकेगा। हजारीबाग के जनप्रतिनिधि भी इस मामले पर संवेदनशील हैं और मुखरता से लगातार आवाज बुलंद कर रहें हैं। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग सदर विधायक रहते हुए इस मामले को झारखंड विधानसभा के पटल पर पुरजोर तरीके से उठाया था और उन्होंने जल्द इसपर कुछ अलग करने की बात भी कही है ।

हजारीबाग के युवा पीढ़ी से अपील है कि किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें। कुछ बीमारियों का इलाज ही बचाव है जबकि कुछ बीमारियों से बचाव ही उनका इलाज है। नशे की आदत को छोड़ने के लिए पीड़ित को ऐसे लोगों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहिए जो नशा ना करते हों साथ ही सकारात्मक विचार रखते हों। कृपया भावी पीढ़ी को सुरक्षित बनाने और समाज को स्वस्थ बनाए रखने के लिए अपने, अपने परिवार और समाज को नशे से बचा कर रखें ।

हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में भविष्य बर्बाद करने पर तुले नशे के कारोबारियों पर विशेष टीम बनाकर कठोर कारवाई की शक्त जरूरत है ताकि ऐसे कुत्सित मानसिकता के गैर कानूनी कार्य करने वाले असामाजिक लोगों पर कानून का डर हो सकें ।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Categories

Calender

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  







Related Articles
BreakingHazaribaghJharkhandझारखंडब्रेकिंगहजारीबाग

करमा पर्व के बाद तालाब में डूबे सत्येंद्र भुइयां,

Khabar365newsहजारीबाग। जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के कूद-रेवाली गांव में करमा पर्व...

BreakingHazaribaghJharkhandझारखंडब्रेकिंगहजारीबाग

म्यूटेशन में देरी पर भड़के जेपी पटेल, CO की कार्यशैली पर उठाए सवाल

Khabar365newsहजारीबाग। हजारीबाग में म्यूटेशन के मामलों में कथित देरी को लेकर कांग्रेस...

BreakingHazaribaghindia

पूर्व मंत्री के बयान पर JMM महिला सेल की जिलाध्यक्ष ने जताई नाराजगी

Khabar365newsहजारीबाग: सदर अंचल के हुरहुरु स्थित खासमहल जमीन विवाद को लेकर पूर्व...

Hazaribagh

जी.एम. इंटर महाविद्यालय, इचाक में हिंदी दिवस पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन

Khabar365news हजारीबाग: .एम. इंटर महाविद्यालय, इचाक में हिंदी दिवस के अवसर पर...