फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में जामताड़ा कोर्ट ने दो आरोपियों 3-3 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोनों पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. जिला जज प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने यह फैसला सुनाया है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें और सबूतों को देखने के बाद धनबाद जिले के टुंडी निवासी नितेश कुमार मंडल और देवघर जिले के कारो निवासी सुनील मंडल को आईटी एक्ट की धारा 66-सी और 66-डी के तहत सजा सुनाया.
क्या था मामला?
यह मामला वर्ष 2018 का है. पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के शामुकपोखर गांव में कुछ शातिर लोग मोबाइल के जरिए फर्जी बैंक अधिकारी बनकर आम लोगों से साइबर ठगी कर रहे हैं. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शामुकपोखर गांव में छापेमारी की और मौके से नितेश कुमार मंडल तथा सुनील मंडल को गिरफ्तार किया था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ मजबूती से पक्ष रखा और अदालत के सामने 10 गवाहों का परीक्षण कराया, जिससे आरोपियों का गुनाह साबित हुआ. दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने दलील दी कि दोनों आरोपी बेकसूर हैं और घटना के दिन महज अपनी मौसी के घर आए हुए थे. हालांकि, अदालत ने पुख्ता सबूतों के आधार पर बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज कर दिया और दोनों को कड़ी सजा सुनाई.
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