झारखंड स्थित गिरिडीह जिले से लापता हुई नाबालिग किशोरी को रांची से सकुशल बरामदगी की गई है। जानकारी के मुताबिक, 26 दिसंबर की शाम किशोरी अपने घर के पास के ही एक दुकान में सामान खरीदने के लिए निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। देर रात तक घर नहीं लौटने पर उसके परिजनों के द्वारा आसपास में खोजबीन शुरू की गई, लेकिन किशोरी का कोई सुराग नहीं मिला। बाद में किशोरी के परिजनों द्वारा इस घटना की जानकारी बेंगाबाद थाना में दर्ज कराया गया। पुलिस में रिपोर्ट लिखाते समय किशोरी की मां ने बताया था कि गादी गांव का विकास नाम का एक लड़का उनकी बेटी से लगातार मोबाइल फोन पर बात करता था।
इस पर पुलिस को शक हुआ कि किशोरी विकास के ही साथ गई होगी। युवक गलत नीयत से नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया होगा। मामला दर्ज होने के बाद बेंगाबाद पुलिस द्वारा खोजबीन शुरू की गई। बेंगाबाद पुलिस ने विकास कुमार को उसके घर से थाना बुलाकर पूछताछ की गई। जिसके बाद युवक ने पहले बताया कि उसे इस बारे में कुछ भी पता नहीं है। बाद में पुलिस द्वारा युवक पर दबाव बनाये जाने पर युवक ने बताया कि घटना के दिन जब किशोरी दुकान के लिए घर से निकली थी तभी युवक बाइक से लेकर फरार हो गया था। उसके बाद युवक ने पुलिस को बताया कि वहां से दोनों रांची आ गए।
बाद में मामला गंभीर होता देख युवक घर लौट आया, जबकि किशोरी रांची में ही एक घर में काम करने लगी थी। हालांकि, किशोरी को बेंगाबाद पुलिस ने 40 दिन बाद रांची से सकुशल बरामद कर लिया है। किशोरी को मेडिकल जांच के बाद, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के हवाले कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया है।
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