
पाकुड़: महेशपुर प्रखंड के चंडालमारा–पाखरिया (पैनम पथ) सड़क चौड़ीकरण परियोजना में भूमि अधिग्रहण को लेकर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में केवल 10 डिसमिल भूमि अधिग्रहित दिखाई गई, जबकि विभागीय जांच में करीब 70 डिसमिल भूमि पर सड़क निर्माण के लिए स्थायी कब्जे की पुष्टि हुई।

हैरानी की बात यह है कि 14 सितंबर 2018 को जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के पत्र में इस विसंगति का उल्लेख करते हुए पुनः सत्यापन और शेष भूमि की अधियाचना भेजने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवार को पूरा मुआवज़ा नहीं मिल सका।

पीड़ित गणेश मंडल ने 2025 और 2026 में कई बार उपायुक्त से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन मामला अब भी लंबित है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता ब्यूटी मंडल ने इस मुद्दे को सार्वजनिक करते हुए प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनकर वर्षों से उपयोग में है, लेकिन जिनकी जमीन गई, उन्हें आज तक उनका वैधानिक अधिकार नहीं मिला। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर हैं कि आखिर इस बहुचर्चित मामले में पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा।

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