नगड़ी ब्लॉक के चिपरा गांव में डालसा व आरकेडीएफ विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
रांची : माननीय झालसा के निर्देश पर माननीय न्यायायुक्त के मार्गदर्शन में तथा डालसा सचिव श्री रवि कुमार भास्कर की देखरेख में आज दिनांक 13.11.2025 जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची व आरकेडीएफ विश्वविद्यालय के विधि विभाग के सहयोग से नगड़ी प्रखंड के चिपरा गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डिप्टी एलएडीसी, राजेश कुमार सिन्हा, आरकेडीएफ विश्वविद्यालय के डीन, फेकल्टी ऑफ लॉ,

अमृता सुदन चक्रवर्ती, विधि विभाग के मुख्य, श्रीमति अमित झा, सहायक प्रोफेसर, श्री अमन कुमार, सुश्री रीतिका स्वरूप, डीन ऑफ ईकोनोमिक्स, श्री अभिषेक वैभव, छात्र-छात्राएं, चिपरा पंचायत के मुखिया, उप-मुखिया, पीएलवी, रीना लिंडा, पंकज कुमार, रीता महली, राजा वर्मा एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
आरकेडीएफ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को दहेज प्रथा, कन्या भ्रुण हत्या के ऊपर नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन करते हुए बतलाया कि दहेज प्रथा समाज के लिए एक गंभीर अपराध है। इससे बचने का उपायों के बारे में जानकारी ग्रामीणों को दी गयी।

एलएडीसी डिप्टी, राजेश कुमार सिन्हा ने निःशुल्क कानुनी सहायता के प्रावधानों के बारे में जानकारी प्रदान की तथा दहेज प्रथा अधिनियम, बाल विवाह अधिनियम, बाल श्रम अधिनियम, पॉक्सो एक्ट, शिक्षा के अधिकार तथा संविधान के आर्टिकल – 21ए के तहत शिक्षा के अधिकार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने नालसा द्वारा संचालित डॉन योजना पर फोकस किये
कहा कि नशा न करें, नशा से घर-परिवार नष्ट होता है। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के बारे में संक्षेप में चर्चा किये। ग्रामीणों को एनडीपीएस एक्ट के धाराओं से अवगत कराया तथा कठोर सजा के प्रावधानों को बतलाया कहा कि अपने खेत में अफीम की खेती न करें, अपराध है, इसमें सजा का प्रावधान भी है। उन्होंने टॉल फ्री नम्बर – 1933 जो नशा से संबंधित है, के बारे में जानकारी दी। श्री सिन्हा ने नालसा टॉल फ्री नम्बर – 15100 के बारे में भी बतलाया।

ज्ञात हो कि श्री सिन्हा ने आगामी 29 नवम्बर को बिजली के वादों से संबंधित विशेष लोक अदालत तथा 13 दिसम्बर को होनेवाले राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उक्त तिथि को वादकारी अपने मुकदमों का निष्पादन करा सकते है।
यह भी ज्ञात हो कि विधिक जागरूकता कार्यक्रम में आरकेडीएवफ विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने भी अपनी-अपनी बाते रखीं।
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