UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट शुक्रवार को जारी किया गया। रिजल्ट आने के बाद UPSC की 301वीं रैंक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बता दें कि इस रैंक को लेकर दो-दो आकांक्षा सिंह ने अपना दावा पेश कर रही हैं। एक आकांक्षा सिंह जो बिहार के आरा से रणवीर सेना के संस्थापक रहे चर्चित ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं और दूसरी आकांक्षा सिंह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली हैं। ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने जो एडमिट कार्ड सोशल मिडिया पर जारी किया है उसमें रोल नं. 0856794 दर्ज है, लेकिन जब फॉलोअप की टीम इस पूरे मामले पर रिसर्च की तो पता चला कि QR कोड स्कैन करने के बाद रोल नं. 0856569 दर्ज है। ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती परीक्षा को पास ही नहीं की है। वो एडमिट कार्ड में अपना रोल नं. को एडिट कर अपने परिवार वालों को बताया कि परीक्षा पास कर ली है और लगातार इंटरव्यू दे रही हैं और दावा ठोक रही हैं कि उन्होंने 301वीं रैंक पाप्त किया है।
वहीं, जब सोशल मीडिया पर एडमिट कार्ड प्रसारित होने लगे तो इसे देख गाजीपुर की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने अपना एडमिट कार्ड सोशल मिडिया पर डाला और बताया कि 301वीं रैंक उन्होंने प्राप्त की है। गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए साक्षात्कार का एडमिट कार्ड साझा किया है। उनके एडमिट कार्ड पर भी वही रोल नंबर 0856794 दर्ज है। फेसबुक पर उन्होंने लिखा, ‘मुझे पता चला है कि कुछ लोग मेरे नाम और पद का गलत फायदा उठा रहे हैं। इसलिए मैं अपनी असली पहचान और एडिट कार्ड की कॉपी यहां साथ में लगा रही हूं ताकि कोई भ्रम न रहे। इसके साथ ही, मैं उन फर्जी पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी साझा कर रही हूं जो दूसरे के नाम से फैलाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।’
सोशल मीडिया पर दिख रहे एडमिट कार्ड ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया है। बहरहाल, अब सबकी नजरें आयोग की स्पष्टीकरण पर टिकी हैं।
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