
हजारीबाग पुलिस ने नक्सल एवं उग्रवाद विरोधी अभियान में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे टीपीसी उग्रवादी दुर्गा बेदिया उर्फ रामकुमार बेदिया को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 20 मई 2026 को गिद्दी थाना क्षेत्र के मिश्राइन मोड़ा गांव में की गई, जहां पुलिस ने बेहद सुनियोजित और साहसिक छापेमारी अभियान चलाकर आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस अधीक्षक हजारीबाग को गुप्त सूचना मिली थी कि टीपीसी का सक्रिय सदस्य दुर्गा बेदिया अपने गांव में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही गिद्दी थाना प्रभारी पु०अ०नि० मो० इकबाल हुसैन ने बिना समय गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया और पूरे ऑपरेशन की कमान खुद संभाली। टीम में पुलिस पदाधिकारी सुरेश चंद्र हजाम, दामू राम गोपाई, रायचंद उरांव, प्रकाश महतो एवं सुनील कुमार पासवान समेत अन्य जवान शामिल थे।
बताया जाता है कि जैसे ही पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर घेराबंदी शुरू की, आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा। लेकिन थाना प्रभारी इकबाल हुसैन के नेतृत्व में टीम ने जबरदस्त फुर्ती, सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए आरोपी को खदेड़कर पकड़ लिया। इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि गिद्दी थाना पुलिस अपराध और उग्रवाद के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ मैदान में डटी हुई है।
गिरफ्तार उग्रवादी दुर्गा बेदिया पर हत्या, आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट, रंगदारी, हिंसक वारदात और कई गंभीर मामलों समेत कुल 9 संगीन कांड दर्ज हैं। वह वर्ष 2012 से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी को हजारीबाग पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
क्षेत्र में इस कार्रवाई की खूब चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि गिद्दी थाना प्रभारी मो० इकबाल हुसैन लगातार सक्रिय, संघर्षशील और निडर पुलिस अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं। कठिन परिस्थितियों में भी जिस तरह उन्होंने टीम का नेतृत्व किया, उससे पुलिस का मनोबल और जनता का विश्वास दोनों मजबूत हुआ है।
हजारीबाग पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथों से बच नहीं सकता। जिले में फरार अपराधियों और उग्रवादियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
Leave a comment