
हजारीबाग में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और यातायात नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देश पर मंगलवार 19 मई 2026 को जिलेभर में बिना हेलमेट, ट्रिपल लोड, बिना ड्राइविंग लाइसेंस और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया।
यह अभियान हजारीबाग पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर के नेतृत्व में तथा यातायात थाना प्रभारी अनूप प्रसाद की सक्रिय निगरानी में संचालित किया गया। अभियान के दौरान शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और प्रमुख मार्गों पर सघन वाहन जांच की गई, जिससे नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया।

अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई, जिसमें यातायात थाना प्रभारी के साथ 6 पुलिस पदाधिकारी और 15 गृहरक्षक जवान शामिल रहे। टीम ने सड़क पर उतरकर एक-एक वाहन की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
वाहन जांच अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 145 वाहन चालकों का चालान काटा गया। वहीं ट्रिपल लोड चलने वाले 29 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाने वाले 10 लोगों को पकड़ा गया, जबकि बिना इंश्योरेंस वाले 18 वाहनों पर भी जुर्माना लगाया गया।

सबसे खास बात यह रही कि केवल दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं बल्कि जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर के निर्देश पर बिना हेलमेट पकड़े गए 52 वाहन चालकों से शपथ पत्र भरवाया गया और उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया। साथ ही उन्हें यह जिम्मेदारी भी दी गई कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
यातायात थाना प्रभारी अनूप प्रसाद की कार्यशैली इस अभियान में विशेष रूप से चर्चा का विषय रही। लगातार सड़क पर मौजूद रहकर उन्होंने पूरी टीम का नेतृत्व किया और अभियान को प्रभावी बनाया। उनकी सक्रियता, संघर्षशीलता और यातायात व्यवस्था को सुधारने की प्रतिबद्धता साफ तौर पर देखने को मिली। शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्याओं के बीच अनूप प्रसाद द्वारा चलाए जा रहे ऐसे अभियान आम लोगों के बीच सुरक्षा और अनुशासन का मजबूत संदेश दे रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी मजबूरी नहीं बल्कि हर व्यक्ति की जिंदगी की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
हजारीबाग पुलिस की इस सख्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान की शहरभर में सराहना हो रही है। आम लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और यातायात व्यवस्था पहले से अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनेगी।
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