
हजारीबाग: शहर की पहचान मानी जाने वाली हजारीबाग झील अब नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आने वाली है। नगर निगम हजारीबाग द्वारा झील परिसर को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में सोमवार, 18 मई 2026 को नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता ने झील क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर विकास कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
नगर आयुक्त की इस पहल को शहरवासियों के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है। उनका उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारीबाग झील को ऐसा व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक पर्यटन स्थल बनाना है जहाँ लोग सुकून, स्वच्छता और आधुनिक सुविधाओं का एक साथ अनुभव कर सकें।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने झील परिसर को ‘नो-व्हीकल ज़ोन’ घोषित करने की दिशा में आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया। इसका सीधा लाभ यह होगा कि झील के आसपास अनावश्यक वाहनों की भीड़ कम होगी, प्रदूषण घटेगा और लोग शांत वातावरण में परिवार एवं मित्रों के साथ समय बिता सकेंगे। खासकर सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों के लिए यह पहल बेहद राहतभरी साबित होगी।
इसके साथ ही झील क्षेत्र में सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की योजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। अक्सर अव्यवस्थित पार्किंग और जाम की समस्या से परेशान रहने वाले लोगों को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम की योजना है कि आने वाले दिनों में झील परिसर में ऐसी पार्किंग व्यवस्था विकसित हो, जिससे यातायात भी प्रभावित न हो और पर्यटकों को भी सुविधा मिले।
नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता ने पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सड़क किनारे मजबूत एवं आकर्षक फुटपाथ निर्माण पर विशेष जोर दिया। उनका मानना है कि किसी भी शहर की सुंदरता तभी बढ़ती है जब वहां पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ते उपलब्ध हों। यही कारण है कि झील क्षेत्र को “पीपुल फ्रेंडली जोन” बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
शहर को जाममुक्त बनाने की दिशा में भी नगर निगम की यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। त्रिमूर्ति चौक के पास प्रस्तावित वेंडिंग ज़ोन का निर्माण तेजी से कराया जाएगा, जहाँ सड़क किनारे असंगठित रूप से दुकान लगाने वाले दुकानदारों को व्यवस्थित ढंग से शिफ्ट किया जाएगा। इससे एक ओर दुकानदारों को स्थायी और बेहतर स्थान मिलेगा, वहीं दूसरी ओर मुख्य सड़क पर लगने वाले जाम से भी लोगों को राहत मिलेगी।
इस पूरे निरीक्षण और विकास योजना में नगर निगम की टीम भी पूरी सक्रियता के साथ नजर आई। सहायक नगर आयुक्त विपिन कुमार एवं अनिल पांडे ने योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जमीनी स्तर पर गंभीरता दिखाई। दोनों अधिकारियों की कार्यशैली, समन्वय क्षमता और शहर को व्यवस्थित बनाने की सोच निरीक्षण के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
वहीं सहायक अभियंता अजय कुमार बेदिया ने तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण करते हुए विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और दीर्घकालिक बनाने पर विशेष जोर दिया।
नगर निगम की इस पहल से अब शहरवासियों में नई उम्मीद जगी है। लोगों का मानना है कि यदि इसी गति और गंभीरता से कार्य जारी रहा तो आने वाले समय में हजारीबाग झील न केवल शहर की शान बनेगी, बल्कि राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी अपनी अलग पहचान स्थापित करेगी।
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