पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है. 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सात लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया. पाकुड़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मामले की सूचना मिलने के महज 4 घंटे के भीतर सभी 7 आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस द्वारा पकड़े गए इन आरोपियों में से पांच बालिग हैं, जबकि दो आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं. यह पूरी वारदात शनिवार की रात करीब 8:30 बजे की है, जब आरोपियों ने नाबालिग का सामूहिक रेप किया. घटना के बाद रविवार दोपहर 12:00 बजे जैसे ही स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी मिली, महकमे में हड़कंप मच गया. पाकुड़ के पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत महेशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए.
विशेष जांच दल ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार बनाकर त्वरित गति से छापेमारी शुरू की. पुलिस की इस चौतरफा दबिश के कारण दोपहर सवा 12 बजे शुरू हुआ अभियान शाम 4:00 बजे तक पूरी तरह सफल रहा और सभी सातों आरोपी कानून की गिरफ्त में आ गए. पकड़े गए बालिग आरोपियों की पहचान अविनाश सोरेन, बबुटा सोरेन, अंसार टुडू, बबनु हेम्ब्रम और कार्तिक मुर्मू के रूप में हुई है, जो सभी पाकुड़ जिले के ही रहने वाले हैं. इस पूरी ‘सुपरफास्ट’ कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में एसडीपीओ विजय कुमार, इंस्पेक्टर मदन कुमार शर्मा, थाना प्रभारी अजय महतो सहित रद्दीपुर और पाकुड़िया थाने की पुलिस टीम शामिल थी. फिलहाल पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है. अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए पुलिस की इस मुस्तैदी को बेहद जरूरी माना जा रहा है, और अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाएगी.
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