रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा संचालित ऑपरेशन अमानत के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर ईमानदारी और तत्परता का सराहनीय उदाहरण देखने को मिला। आरपीएफ पोस्ट रांची के अधिकारियों और जवानों ने एक यात्री का खोया हुआ बैग सुरक्षित रखकर उसके वास्तविक स्वामी को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार, 31 मई 2026 को रांची रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान सहायक उप निरीक्षक भूतेश झा एवं अन्य आरपीएफ कर्मियों को पोस्ट रांची के समीप एस्केलेटर के पास एक लावारिस पिट्ठू बैग मिला। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की और रेलवे उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से बैग के मालिक की तलाश की, लेकिन कोई दावा करने नहीं पहुंचा।
इसके बाद रांची सुरक्षा नियंत्रण कक्ष से बैग के संभावित स्वामी का नाम और मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ। आरपीएफ ने मोबाइल के माध्यम से संपर्क स्थापित किया, जिसमें बैग की स्वामिनी के रूप में 21 वर्षीय उषा कुमारी की पहचान हुई। उन्होंने आरपीएफ को बताया कि वह तत्काल रांची नहीं आ सकती हैं और बाद में बैग लेने आएंगी।
दिनांक 8 जून 2026 को उषा कुमारी, निवासी देवघर, आरपीएफ पोस्ट रांची पहुंचीं और बैग पर अपना दावा प्रस्तुत किया। आरपीएफ ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं और सत्यापन पूरा करने के बाद लगभग 5 हजार रुपये मूल्य के पिट्ठू बैग को उन्हें सुरक्षित सौंप दिया। बैग में नए एवं पुराने कपड़ों के साथ एक मोबाइल चार्जर भी रखा हुआ था।
अपनी खोई हुई संपत्ति वापस मिलने पर उषा कुमारी ने रेलवे सुरक्षा बल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आरपीएफ कर्मियों की ईमानदारी, जिम्मेदारी और सहयोगात्मक रवैये की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन अमानत का उद्देश्य यात्रियों की खोई हुई वस्तुओं को सुरक्षित रखना और उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना है। रांची आरपीएफ की इस कार्रवाई को यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
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