
हजारीबाग: विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन हजारीबाग की पहल पर सदर अस्पताल के नए ओपीडी भवन में आयोजित रक्तदान शिविर मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया। शिविर में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए स्वैच्छिक रक्तदान किया, जिसके परिणामस्वरूप 70 यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया।
रक्तदान शिविर का उद्देश्य केवल रक्त संग्रह करना नहीं, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। रक्तदाताओं के इस अमूल्य योगदान को सम्मान देते हुए प्रशासन की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है।” उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील भी की।

शिविर के सफल आयोजन में जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव की सक्रिय भागीदारी और जनसेवा के प्रति समर्पित कार्यशैली विशेष रूप से देखने को मिली। उन्होंने पूरे कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित किया तथा प्रशासनिक समन्वय को मजबूत बनाया। सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे अभियानों में उनकी सक्रिय उपस्थिति यह दर्शाती है कि वे केवल अपने विभागीय दायित्वों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनहित के कार्यों में भी बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे हैं। उनकी सकारात्मक पहल और संवेदनशील सोच की लोगों ने सराहना की।
शिविर को सफल बनाने में सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी प्रेम कुमार, डीपीएम, अनुमंडल कार्यालय के प्रधान लिपिक गोपाल पासवान, टीपू सुल्तान सहित कई अधिकारियों और कर्मियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वहीं, रेड क्रॉस सोसाइटी के तनवीर सिंह तथा यूथ विंग के रितेश खंडेलवाल समेत विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी शिविर के सफल संचालन में अहम भूमिका निभाई।
जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि सदर अस्पताल में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अब प्रत्येक माह रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन ने सभी नागरिकों से आगे भी ऐसे जनहितकारी अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने और दूसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की।
मानवता की मिसाल बने इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन, समाज और स्वयंसेवी संगठन एक साथ आते हैं, तो न सिर्फ रक्त का संग्रह होता है बल्कि जरूरतमंदों के लिए उम्मीद और जीवन भी संचित होता है।
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