
रिपोर्ट /आरिफ खान
हजारीबाग। झारखंड राज्य विस्थापित संघर्ष मोर्चा और झारखंड राज्य किसान सभा के नेता एवं पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने हजारीबाग परिषद में प्रेस वार्ता कर 30 सितंबर को प्रस्तावित झारखंड बंद की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों, विस्थापितों, किसानों और मजदूरों के अधिकारों को लेकर कई संगठन संयुक्त रूप से बंद का आह्वान कर रहे हैं। झारखंड आंदोलनकारी पारी संघर्ष, अखिल भारतीय किसान सभा झारखंड, झारखंड राज्य विस्थापित संघर्ष मोर्चा, झारखंड आंदोलनकारी युवा मोर्चा, झारखंड निर्माण दल, झारखंड स्वतंत्र सेनानी विचार मंच और खतियानी बंद परिवार सहित कई संगठनों ने बंद को सफल बनाने की अपील की है।संगठनों की प्रमुख मांगों में झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय सम्मान, पहचान, पेंशन और उनके आश्रितों को रोजगार देना शामिल है। आंदोलनकारी चिह्नितीकरण आयोग के पुनर्गठन या कल्याण बोर्ड के गठन की भी मांग की गई है। विस्थापितों और किसानों के लिए लैंड बैंक समाप्त करने, जल-जंगल-जमीन की रक्षा, उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की मांग उठाई गई। किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन, कृषि ऋण माफी और धान का खरीद मूल्य 3,200 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग भी रखी गई। संगठनों ने सरकार से मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की।
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