रांची । भाजपा समर्थित निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नाथवाणी का नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने झारखंड विधानसभा के गेट संख्या-2 के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि परिमल नाथवाणी के नामांकन पत्र में कई गंभीर त्रुटियां हैं, जिसके संबंध में पार्टी की ओर से निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि यदि परिमल नाथवाणी का नामांकन रद्द नहीं किया जाता है तो कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरकर व्यापक जनांदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन भी विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। झारखंड और मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन मामलों में अलग-अलग मानदंड अपनाकर आयोग ने पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया है।
डॉ. नासिर हुसैन ने कहा कि झारखंड में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी को नामांकन पत्रों की त्रुटियां निर्धारित समय-सीमा के बाद भी सुधारने की अनुमति दी गई, जबकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को कानूनी रूप से असंगत आधारों पर निरस्त कर दिया गया। यह लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का यह दोहरा रवैया उसकी विश्वसनीयता को कमजोर करता है और यह संदेश देता है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के लिए अलग नियम तथा विपक्षी उम्मीदवारों के लिए अलग नियम लागू किए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
डॉ. नासिर हुसैन ने मांग की कि मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तत्काल बहाल किया जाए तथा झारखंड में परिमल नाथवाणी के नामांकन की समीक्षा कर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि चुनावी नियमों का सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से अनुप्रयोग होना चाहिए और निर्वाचन आयोग को दोनों राज्यों में अपनाए गए अलग-अलग मानदंडों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में बिना किसी ठोस कारण के कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया, जबकि झारखंड में परिमल नाथवाणी के खिलाफ आपत्ति दर्ज होने के बावजूद उनके नामांकन को रद्द करने के बजाय लंबित रखा गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी न्याय और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रही है।
कांग्रेस विधायक एवं विधानसभा में उपनेता राजेश कच्छप ने कहा कि भाजपा की हॉर्स ट्रेडिंग की राजनीति से मुकाबला करना अलग बात है, लेकिन यहां मुद्दा लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा का है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिमल नाथवाणी ने अपने नामांकन पत्र में कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाने का प्रयास किया है।
धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा परिसर के पोर्टिको में भी धरना दिया और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
धरना-प्रदर्शन में मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, सुबोध कांत सहाय, आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ. तौसीफ, राजीव रंजन प्रसाद, विनय सिन्हा दीपू, प्रदीप तुलस्यान, अभिलाष साहू, सतीश पाल मुंजनी, सुरेंद्र सिंह, शशि भूषण राय, सुधीर सिंह, सोनाल शांति, कमल ठाकुर, कुमार राजा, रमा खलखो, रियाज अंसारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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