रांची: झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को फिर सुनवाई होगी। परीक्षा रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अदालत में आगे की दलीलें रखी जाएंगी। इस सुनवाई पर अभ्यर्थियों के साथ-साथ राज्य के प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं की भी नजरें टिकी हैं।
दरअसल, राज्य सरकार ने 18 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी कर कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार के इस निर्णय के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा रद्द करने के फैसले को चुनौती देते हुए अदालत से राहत देने की मांग की है।
राज्य सरकार के फैसले के तहत 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने की बात सामने आई थी। सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को फैसले का आधार बताया गया है। वहीं, इस निर्णय से प्रभावित अभ्यर्थियों ने इसके औचित्य और चयन प्रक्रिया पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सवाल उठाए हैं।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाओं में JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, JSSC CGL-2023, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और फूड सेफ्टी ऑफिसर की भर्ती परीक्षा से जुड़े मामले शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई है कि कथित अनियमितताओं के आधार पर पूरी परीक्षा या नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने से पहले संबंधित तथ्यों और अभ्यर्थियों के हितों पर विचार किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की बात कही है। मामले में दोनों पक्षों की दलीलों पर अदालत को विचार करना है।
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