रांची: बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण में पुलिस अधिकारियों और अनुसंधान अधिकारियों को साइबर अपराध की जांच, डिजिटल साक्ष्य संग्रहण तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि आज के दौर में साइबर अपराध लगातार नए रूप ले रहे हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए तकनीकी रूप से दक्ष होना बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराध, डिजिटल फॉरेंसिक और साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, विश्लेषण और अदालत में उनकी प्रस्तुति से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा साइबर अपराधियों के तौर-तरीकों और उनसे निपटने की रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल की जांच क्षमता को मजबूत करना और डिजिटल अपराधों की त्वरित एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों में साइबर अपराध से जुड़े मामलों के अनुसंधान में अधिक दक्षता के साथ कार्य कर सकेंगे।
बढ़ते डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट के व्यापक उपयोग के बीच साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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