बीआईटी मेसरा के डिजिटल इनोवेटिव लैब में पिछले वर्ष से स्थानीय भाषाओं के उत्थान की दिशा में कार्य चल रहा है। यहां के उत्साही युवा संथाली, बांग्ला और नागपुरी भाषा में इंटरनेट की विभिन्न सामग्रियों को तैयार करने में लगे हैं और अपेक्षित सफलता भी मिली है।
आमतौर पर इंटरनेट पर किसी भी सामग्री को अंग्रेजी या फिर हिंदी माध्यम में ही डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध होती है। लेकिन, अब आप स्थानीय भाषाओं में भी डाउनलोड कर पाएंगे।
इस दिशा में बीआइटी मेसरा के डिजिटल इनोवेटिव लैब में कार्य चल रहा है। जहां संथाली, बांग्ला और नागपुरी भाषा में इंटरनेट की विभिन्न सामग्रियों को तैयार किया जा रहा है। जिसका लाभ आगामी दिनों मिलने लगेगा।
विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय भाषाओं काे समाहित करेंगे
बता दें कि बीआइटी मेसरा के सीक्यूईडी के छात्रों ने भारतीय स्थानीय भाषाओं के लिए बहुभाषी बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) को विकसित करने की दिशा में कदम उठाया है। आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मदद से भाषाओं के विभाजन को पाटने का कार्य चल रहा है, जो देश में विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय भाषाओं काे समाहित करेंगे।
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