बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत मनरेगा एवं जेएसएलपीएस के अभिसरण में कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। जिले में उत्पादित आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप आज यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना की गई। इस खेप में 1322 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम शामिल हैं, जिन्हें किसानों से ₹42 प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदा गया है, जो स्थानीय बाजार की तुलना में बेहतर मूल्य है। बल्कि झारखंड के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान भी दे रही है।
सिमडेगा से लंदन के लिए आम्रपाली आम की पहली निर्यात खेप रवाना
कोलकाता एयरपोर्ट पर आयोजित एक विशेष समारोह के माध्यम से सिमडेगा के आम्रपाली आम की व्यावसायिक निर्यात खेप को वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाकर लंदन के लिए रवाना किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर सिमडेगा की DC कंचन सिंह ने कोलकाता में उपस्थित प्रतिनिधियों और दोनों किसान उत्पादक कंपनियों की महिला सदस्यों से वर्चुअल बैठक के जरिए सीधा संवाद किया। उन्होंने आमों की निर्यात प्रक्रिया, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों और इससे किसानों को मिलने वाले सीधे वित्तीय लाभ की विस्तृत जानकारी ली। इस कार्यक्रम में JSLPS के डीपीएम और मनरेगा के परियोजना पदाधिकारी सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि सिमडेगा के किसानों, विशेषकर महिला कृषक उत्पादक समूहों द्वारा उपजाए गए आम्रपाली आम का अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचना पूरे जिले के लिए बेहद गर्व की बात है। यह सफलता स्थानीय किसानों की कड़ी मेहनत, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम है। वैश्विक बाजार में बेहतर मूल्य मिलने से न केवल किसानों की आय में भारी वृद्धि होगी, बल्कि जिले के अन्य कृषि उत्पादों के लिए भी विदेशों में नए अवसर तैयार होंगे। यह कदम झारखंड के कृषि क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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