रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
पीवीयूएनएल प्रभावित क्षेत्र के ग्राम रसदा बलकुदरा, जयनगर एवं गेगदा के विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आज बलकुदरा स्थित सोनार पोखर के समीप आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बलकुदरा पंचायत के मुखिया श्री विजय मुंडा ने की तथा संचालन जयनगर पंचायत की मुखिया श्रीमती हीरा देवी ने किया। बैठक में लबगा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि लालू महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि दिनांक 26 मई 2025तथा 19 जुलाई 2025को उपायुक्त, रामगढ़ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पीवीयूएनएल ऐश डैम एवं विस्थापितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी तथा स्थानीय विस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता देने, ठेका कर्मियों को न्यूनतम वेतन एवं वैधानिक सुविधाएं सुनिश्चित करने, बिचौलियों एवं दलालों की भूमिका समाप्त करने तथा पूर्व से कार्यरत विस्थापित कर्मियों को अनावश्यक रूप से नहीं हटाने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उक्त बैठक में हुए आश्वासनों एवं निर्णयों को आज तक प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया है। इसके कारण विस्थापित परिवारों में भारी असंतोष और रोष व्याप्त है।
बैठक में निम्न प्रमुख मांगों को दोहराया गया—
स्थानीय भू-विस्थापितों एवं प्रभावित परिवारों को रोजगार में प्रथम प्राथमिकता दी जाए।(60 वर्षों तक)
सभी ठेका एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों को न्यूनतम वेतन तथा वैधानिक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
नौकरी के नाम पर दलालों एवं बिचौलियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए तथा दोषियों पर कार्रवाई हो।
पूर्व से कार्यरत विस्थापित कर्मियों को बिना उचित कारण हटाया न जाए।
विस्थापितों के पुनर्वास, रोजगार एवं विकास से जुड़े पूर्व समझौतों एवं निर्णयों को तत्काल लागू किया जाए।
प्रभावित ग्रामीणों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि पीवीयूएनएल प्रबंधन द्वारा पूर्व में हुई बैठकों के निर्णयों एवं ग्रामीणों की मांगों पर अविलंब कार्रवाई नहीं की जाती है, तो लबगा पंचायत की मुखिया श्रीमती किरण यादव, बलकुदरा पंचायत के मुखिया श्री विजय मुंडा एवं जयनगर पंचायत की मुखिया श्रीमती हीरा देवी के नेतृत्व में ग्रामीण दिनांक 10 जून 2026 से छाई डैम का कार्य पूर्णतः बंद करा देंगे।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि कार्य बंद होने, परियोजना प्रभावित होने अथवा कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति के लिए पूर्ण रूप से पीवीयूएनएल प्रबंधन जिम्मेदार होगा।
ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विस्थापितों के अधिकारों, रोजगार एवं सम्मान की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
आज के बैठक में अनिकेत सोनी, खीरोधर कुमार ,सुनील कुमार मुंडा, अजीत उरांव, अनीश कुमार बाडा ,शशि मुंडा, विकास कुमार महतो, बुद्धेश्वर उरांव ,शंकर प्रजापति ,दिलीप कुमार ,श्याम सोनी ,पुष्पेंद्र उरांव, रोहित उरांव ,दिलीप उराव, वीरेंद्र उरांव, कैलाश उरांव ,अखिलेश मुंडा ,धीरज शाह, महेंद्र मुंडा, महेश मुंडा, रॉकी करमाली, रॉकी मुंडा, दिनेश मुंडा, प्रकाश करमाली, रोहित कुमार ,अमित कुमार, विनाश कुमार ,संदीप कुमार, सनी कुमार ,सुभाष ठाकुर, सनी प्रजापति, आनंद कुमार ,मनोज कुमार, प्रभात प्रजापति, नवनीत प्रजापति ,रामप्रसाद प्रजापति, संतोष सिंह, आदित्य कुमार, अमित कुमार, पवन कुमार, मुकेश कुमार, विकास कुमार ,भूपेश कुमार ,आशीष कुमार, विनोद कुमार ,कुशल उरांव, शंकर मुंडा, महेश प्रजापति ,शंकर प्रजापति, जगन्नाथ मुंडा, दिलीप कुमार इत्यादि सैकड़ो विस्थापित प्रभावित ग्रामीण उपस्थित हुए।
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