झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में रोजगार की मांग को लेकर सोमवार तड़के ग्रामीणों ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया। सुबह करीब 4 बजे से 12 गांवों के मुंडा-मानकी के बैनर तले करीब 100 ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के साइज स्क्रीन क्षेत्र, जीरो प्वाइंट और लोडिंग प्वाइंट को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे खदान क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
बसें रोकी गईं, उत्पादन और डिस्पैच पर असर
आंदोलन का असर इतना व्यापक रहा कि पहली पाली में खदान जाने वाली बसों को भी पूरी तरह रोक दिया गया। इससे उत्पादन और डिस्पैच पर सीधा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। मौके पर तैनात सुरक्षा बलों ने आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और रास्ता खोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद सेल प्रबंधन की ओर से एचआर महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, डीजीएम सीएसआर अनिल कुमार और अमित तिर्की मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता की।
वार्ता विफल, 500 नौकरियों की मांग पर अड़े ग्रामीण
वार्ता के दौरान प्रबंधन ने हर माह मुंडा-मानकी संघ के साथ बैठक कर प्रत्येक गांव से 2-3 लोगों को रोजगार देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन आंदोलनकारी इससे संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना है कि जब तक 500 बेरोजगारों को रोजगार देने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बातचीत विफल होने के बाद भी प्रदर्शन जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और खदान का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
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