नई दिल्ली। अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। इस अवसर पर श्रद्धालु पूजा के बाद कलाई पर अनंत सूत्र बांधते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस सूत्र को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अनंत सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं। इन गांठों को भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप और 14 लोकों से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि अनंत सूत्र धारण करने से व्यक्ति को भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
धार्मिक परंपरा में अनंत चतुर्दशी के दिन व्रत और पूजा के बाद अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। कई स्थानों पर पुरुष इसे दाहिनी और महिलाएं बाईं कलाई में बांधती हैं। हालांकि, इसकी परंपरा क्षेत्र और परिवार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
अनंत सूत्र आमतौर पर लाल या पीले रंग के धागे से बनाया जाता है। पूजा के दौरान इसे भगवान विष्णु को अर्पित करने के बाद मंत्रोच्चार के साथ धारण किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं में अनंत सूत्र को सुख, समृद्धि, रक्षा और सौभाग्य से जोड़ा गया है। वहीं 14 गांठों को जीवन में स्थिरता और भगवान विष्णु की कृपा का प्रतीक माना जाता है।
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