जमशेदपुर। सोनारी कचरा डंपिंग मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्टों के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया है।
मामला सोनारी में खरकई और स्वर्णरेखा नदी के संगम के पास स्थित डंपिंग साइट से जुड़े लीगेसी कचरे और उसके निपटारे का है। NGT के पहले के आदेश में कचरा हटाने, बायो-माइनिंग और साइट को बहाल करने के निर्देश दिए गए थे।
ताजा जानकारी के मुताबिक, निर्धारित समयसीमा में कचरा हटाने और बायो-माइनिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं होने को लेकर ट्रिब्यूनल ने जवाबदेही तय करने की दिशा में यह कदम उठाया है। पूर्वी सिंहभूम DC को 27 नवंबर 2026 को व्यक्तिगत उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश बताया गया है।
सोनारी डंपिंग साइट को लेकर पहले भी NGT में मामला पहुंच चुका है। 2023 के आदेश में ट्रिब्यूनल ने पूरे कचरे और लीगेसी वेस्ट को हटाकर उसका वैज्ञानिक तरीके से उपचार और बायो-माइनिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
अब ताजा आदेश के बाद जिला प्रशासन की ओर से कचरा प्रबंधन और डंपिंग साइट से जुड़े कार्यों की प्रगति पर जवाब देना होगा। मामले में अगली सुनवाई के दौरान स्थिति और स्पष्ट होगी।
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