
हजारीबाग। जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कलयुगी दरिंदे ने दोस्ती का झांसा देकर 11 वर्षीय मासूम बच्ची और उसके 03 वर्षीय मासूम भाई का अपहरण कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हजारीबाग पुलिस की विशेष टीम (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न सिर्फ घटना का शत्-प्रतिशत उद्भेदन किया, बल्कि मुख्य आरोपी को जिले से भागने की फिराक में धर दबोचा है। पुलिस की इस तत्परता और पेशेवर जांच की बदौलत इस जघन्य अपराध का बेहद कम समय में पर्दाफाश हो सका।
इस पूरी खौफनाक साजिश की शुरुआत तब हुई जब कटकमदाग थाना क्षेत्र के ग्राम-कुद (वर्तमान पता) निवासी वादी मो० आमिर (मूल निवासी: अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश) ने पुलिस को सूचना दी कि उनके दोनों मासूम बच्चे ओला शोरूम (लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास) से अचानक गायब हो गए हैं। इस शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कटकमदाग थाना कांड संख्या 90/26 दर्ज कर मामले की गंभीरता से तफ्तीश शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर घटनास्थल और उसके आस-पास के सभी संभावित रास्तों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए। फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से साफ हुआ कि ओला शोरूम में काम करने वाला संजीत पासवान दोनों बच्चों को अपनी स्कूटी पर बैठाकर ले गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) श्री अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
जांच के दौरान 31 मई 2026 को कोर्रा थाना क्षेत्र के सिन्दुर स्थित श्मशान घाट से 11 वर्षीय बच्ची का शव बरामद हुआ। मौके पर पहुंची एफएसएल (FSL) और श्वान दस्ता (Dog Squad) की टीम ने गहन साक्ष्य जुटाए। इसके बाद श्मशान घाट से करीब 500 मीटर दूर एक कुएं से सर्च ऑपरेशन के दौरान 03 वर्षीय मासूम भाई का शव भी बोरे में बंद मिला। मेडिकल बोर्ड की निगरानी में दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। इधर, एसआईटी लगातार आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी और आखिरकार 3 जून 2026 को आरोपी संजीत पासवान को शहर से भागने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में आरोपी संजीत पासवान ने अपना गुनाह कबूल करते हुए जो हकीकत बताई, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। आरोपी ने बताया कि शोरूम के पास आने-जाने के दौरान उसकी बच्ची से दोस्ती हो गई थी। 27 मई 2026 को वह दोनों भाई-बहन को खिलाने-घुमाने और नया मोबाइल दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर सिन्दुर श्मशान घाट ले गया। वहां सूनसान जगह पर उसने बच्ची के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। जब बच्ची ने शोर मचाया, तो उसने बच्ची को श्मशान घाट के बहते पानी में डुबोकर और गला घोंटकर मार डाला तथा शव झाड़ियों में छिपा दिया। पहचान उजागर होने के डर से उसने मासूम भाई की भी गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक व बोरे में लपेटकर पास के कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई स्कूटी (JH02BH-8804) और प्लास्टिक का बोरा बरामद कर लिया है।
इस बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने तथा अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में हजारीबाग पुलिस की पूरी टीम ने दिन-रात एक कर दिया। इस सफल छापेमारी और अनुसंधान दल में मुख्य रूप से बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री अमित आनंद (भा०पु०से०), अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) श्री अमित कुमार और मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक श्री ज्ञान रंजन शामिल थे। इनके साथ ही पेलावल अंचल के पुलिस निरीक्षक सपन महथा, सदर थाना प्रभारी चन्द्रशेखर कुमार, कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार, कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक और गद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन ने अपनी टीम के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्रवाई को अंजाम देने में उरीमारी ओ०पी० प्रभारी रथु उरांव, कटकमदाग थाना के पु०अ०नि० चितरंजन कुमार, पेलावल ओ०पी० प्रभारी बिट्टू रजक, कोर्रा थाना के पु०अ०नि० पुन्नु यादव, कटकमदाग थाना के स०अ०नि० लक्ष्मण तिवारी, मनोज कुमार (सशस्त्र बल) और तकनीकी शाखा के सभी पुलिसकर्मियों का सराहनीय योगदान रहा, जिनकी बदौलत पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सका।
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