रांची। राजधानी रांची में सोमवार शाम उस समय प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई, जब मुख्यमंत्री Hemant Soren बिना किसी पूर्व सूचना और वीवीआईपी काफिले के आम नागरिक की तरह शहर की सड़कों पर निकल पड़े। उनका उद्देश्य राजधानी की यातायात व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना था।
मुख्यमंत्री अपने कांके रोड स्थित आवास से निकले और विभिन्न मार्गों से होते हुए शहर के प्रमुख इलाकों का निरीक्षण करते हुए कांटाटोली चौक पहुंचे। यहां की ट्रैफिक व्यवस्था और लंबे जाम को देखकर वे संतुष्ट नहीं दिखे। सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से खड़ी गाड़ियां और यातायात की धीमी रफ्तार ने उनकी नाराजगी बढ़ा दी।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने वाहन से उतरकर स्वयं मौके की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों और ट्रैफिक कर्मियों से बातचीत कर जाम की वजहों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजधानी में आम लोगों को रोजाना जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और जाम की समस्या कम करने के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे लोगों का समय और ऊर्जा दोनों बचें।
मुख्यमंत्री के अचानक निरीक्षण की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग में सक्रियता बढ़ गई। कई अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और यातायात व्यवस्था सुधारने की कवायद शुरू कर दी।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री बिना वीवीआईपी काफिले के सड़क पर निकले।
- कांटाटोली चौक पर जाम और अव्यवस्था देखकर नाराज हुए।
- अधिकारियों और ट्रैफिक कर्मियों से मौके पर जवाब-तलब किया।
- अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
- ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और जाम कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा।
यह निरीक्षण इस बात का संकेत माना जा रहा है कि राज्य सरकार राजधानी की यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर है और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देना चाहती है।
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