
उपायुक्त के निर्देश पर सड़क सुरक्षा टीम और प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, खतरनाक मोड़ों व दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का किया गहन निरीक्षण

हजारीबाग। जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त हजारीबाग के निर्देश पर सोमवार को जिला परिवहन विभाग, यातायात पुलिस एवं सड़क सुरक्षा टीम ने संयुक्त रूप से जिले के प्रमुख ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण किया।
निरीक्षण अभियान का नेतृत्व जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) तथा मोटर यान निरीक्षक विजय गौतम ने किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाओं के कारणों का बारीकी से अध्ययन किया और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की।

जांच के दौरान मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी जैसे क्षेत्रों में वाहनों की बेलगाम रफ्तार को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण पाया गया। वहीं चर्चित यूपी मोड़ पर सड़क की तीव्र ढलान और अंधा मोड़ लोगों की जान पर भारी पड़ता दिखाई दिया, जहां आए दिन सड़क हादसे होते रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए। NHAI रांची को आदेश दिया गया कि सभी चिन्हित स्थलों पर शीघ्र साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर तथा गति सीमा संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को समय रहते चेतावनी मिल सके और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
वहीं मोरंगी स्थित पेट्रोल पंप संचालक को भी सड़क सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा पहुंच मार्ग पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस सक्रिय पहल की आमजन और सामाजिक संगठनों ने सराहना की है। लोगों का मानना है कि उपायुक्त के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा को लेकर जिस गंभीरता और तत्परता से कार्रवाई की जा रही है, उससे आने वाले दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें तथा मोड़ों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है।
“सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन” के संकल्प के साथ हजारीबाग प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है।
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