
हजारीबाग। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर हजारीबाग की ऐतिहासिक झील परिसर स्थित ओपन एम्फीथिएटर शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण के संकल्पों और हरित भविष्य के संदेशों से गूंज उठा। जिला स्तरीय भव्य समारोह में प्रशासन, वन विभाग, जनप्रतिनिधियों, पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं पौधारोपण के साथ हुआ। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित विकास को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। समारोह में हरित भविष्य के निर्माण को लेकर सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
अपने प्रेरक संबोधन में आयुक्त बिजय कुमार गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन को आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर बताते हुए इनके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज की छोटी-छोटी पर्यावरणीय पहलें भविष्य की बड़ी सुरक्षा बन सकती हैं।
क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक आर.एन. मिश्रा ने वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने लोगों से जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण अवसर को पौधारोपण से जोड़ने और लगाए गए पौधों की देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष केवल ऑक्सीजन नहीं देता, बल्कि पूरे समाज को जीवन और ऊर्जा प्रदान करता है।

वन संरक्षक ममता प्रियदर्शी ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की जरूरत बताई।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल की अभिनव पहल “नर्सरी ऑन व्हील” रही। वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास कुमार उज्ज्वल ने इस महत्वाकांक्षी सेवा का शुभारंभ करते हुए बताया कि अब नागरिक घर बैठे अपनी पसंद के पौधे प्राप्त कर सकेंगे। विभाग द्वारा जारी विशेष क्यूआर कोड को स्कैन कर नर्सरी पोर्टल पर आवेदन करने के बाद पौधे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल “हर घर हरियाली” अभियान को नई दिशा और नई गति प्रदान करेगी।
नगर निगम के महापौर अरविंद राणा ने शहर में हरित आवरण बढ़ाने के लिए नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने पॉलिथीन और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि स्वच्छ एवं हरित हजारीबाग का सपना जनसहभागिता से ही साकार होगा।
समारोह के दौरान सभी अतिथियों का स्वागत पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक स्वरूप पौधा भेंट कर किया गया। यह पहल कार्यक्रम की थीम को और अधिक सार्थक बनाती नजर आई।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला। वसुधा कल्याण फाउंडेशन की संस्थापक अंजलि नीरज एवं सह-संस्थापक रुचि नीरज के मार्गदर्शन में कलाकारों ने पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण पर आधारित मनमोहक गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावुक करते हुए वृक्षों, जल स्रोतों और जैव विविधता के संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
समारोह में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति-चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रकृति के प्रति उनके समर्पण और समाज में जागरूकता फैलाने के प्रयासों का सम्मान था।
विश्व पर्यावरण दिवस के इस भव्य आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाएं, तो हरियाली, स्वच्छता और सतत विकास का सपना अवश्य साकार हो सकता है।
कार्यक्रम का सफल संचालन अमित जैन, आस्था एवं बिरेंद्र कुमार द्वारा किया गया।
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